SIP Investment: छोटी रकम से बड़ा फंड बनाना आज के समय में बहुत से लोगों का सपना होता है। म्यूचुअल फंड की SIP इसी सपने को पूरा करने का एक आसान तरीका है। अगर कोई व्यक्ति हर महीने ₹3600 की SIP करता है और उसे अच्छा रिटर्न मिलता है, तो सिर्फ 3 साल में भी उसकी रकम अच्छी खासी बढ़ सकती है। यहां बिल्कुल आसान भाषा में पूरा कैलकुलेशन समझाया गया है।
SIP Investment क्या है और इसमें पैसा कैसे बढ़ता है
SIP यानी सिस्टमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान एक ऐसा तरीका है जिसमें हर महीने तय रकम म्यूचुअल फंड में निवेश की जाती है। इसमें आपको एक साथ बड़ा पैसा लगाने की जरूरत नहीं होती। हर महीने छोटी रकम लगती रहती है और बाजार के उतार-चढ़ाव के साथ लंबे समय में पैसा बढ़ता जाता है। SIP की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसमें अनुशासन बनता है और धीरे-धीरे बड़ा फंड तैयार हो जाता है।
₹3600 की SIP 36 महीने तक करने का मतलब क्या है
अगर आप हर महीने ₹3600 की SIP करते हैं, तो 36 महीनों यानी 3 साल में आपकी कुल जमा राशि ₹1,29,600 होती है। यह पैसा धीरे-धीरे निवेश होता है, इसलिए जेब पर ज्यादा बोझ नहीं पड़ता। अब असली फायदा यहां से शुरू होता है, जब इस रकम पर हर साल अच्छा रिटर्न मिलता है।
15% सालाना ब्याज दर से कैलकुलेशन कैसे बनता है
इस कैलकुलेशन में यह माना गया है कि SIP पर औसतन 15% सालाना रिटर्न मिलता है, जो म्यूचुअल फंड में लंबे समय में संभव माना जाता है। SIP में ब्याज कंपाउंड होकर जुड़ता है, यानी पुराने निवेश पर ज्यादा समय तक ब्याज मिलता है और नए निवेश पर कम समय तक। इसी वजह से कुल रिटर्न आपकी जमा राशि से काफी ज्यादा बन जाता है।
36 महीने बाद कुल कितना रिटर्न मिलेगा
अगर ₹3600 की SIP लगातार 36 महीने तक की जाए और औसतन 15% सालाना रिटर्न मिले, तो 3 साल बाद कुल फंड करीब ₹1.65 लाख के आसपास बनता है। इसमें आपने ₹1,29,600 अपनी जेब से जमा किए होते हैं और करीब ₹35,000 के आसपास की रकम ब्याज के रूप में जुड़ जाती है। सिर्फ 3 साल में इतना रिटर्न मिलना SIP की ताकत को दिखाता है।
SIP से किसे सबसे ज्यादा फायदा होता है
SIP उन लोगों के लिए सबसे अच्छी है जो नियमित रूप से बचत करना चाहते हैं लेकिन एक साथ बड़ा निवेश नहीं कर सकते। नौकरीपेशा लोग, छोटे व्यापारी और आम परिवार भी SIP के जरिए भविष्य के लिए पैसा जोड़ सकते हैं। जितना ज्यादा समय SIP चलती है, उतना ही बड़ा फायदा मिलता है।
SIP निवेश करते समय किन बातों का ध्यान रखें
SIP में सबसे जरूरी बात धैर्य है। बाजार ऊपर-नीचे होता रहता है, लेकिन बीच में SIP बंद करने से नुकसान हो सकता है। समय पर SIP चालू रखना और लंबे समय तक निवेश करना ही सही रणनीति मानी जाती है। छोटी SIP भी समय के साथ बड़ा फंड बना सकती है।
डिस्क्लेमर: यह लेख केवल जानकारी देने के उद्देश्य से लिखा गया है। म्यूचुअल फंड बाजार जोखिमों के अधीन होते हैं। यहां दिया गया रिटर्न अनुमानित है और वास्तविक रिटर्न बाजार की स्थिति पर निर्भर करता है। निवेश से पहले अपनी जरूरत और समझ के अनुसार फैसला जरूर लें।