Business Idea: आज के समय में जब लकड़ी का कचरा, भूसा और आरी की बुरादे जैसी चीजें बेकार समझी जाती हैं, वहीं इन्हीं से एक ऐसा बिजनेस शुरू किया जा सकता है जो लगातार चलने वाला है और जिसमें डिमांड इतनी ज्यादा है कि ऑर्डर संभालना मुश्किल हो सकता है। बायोमास पेलेट बिजनेस ऐसा ही एक धांसू काम है, जो कम लागत में शुरू होकर अच्छी कमाई देने की ताकत रखता है।
बायोमास पेलेट बिजनेस क्या होता है
बायोमास पेलेट बिजनेस में लकड़ी के कचरे, आरी की बुरादे, धान की भूसी, मूंगफली के छिलके जैसे कृषि और लकड़ी से जुड़े अवशेषों को मशीन की मदद से छोटे-छोटे गोल पेलेट में बदला जाता है। ये पेलेट ईंधन के रूप में इस्तेमाल होते हैं। फैक्ट्रियों, ईंट भट्ठों, बॉयलर, होटल और कई उद्योगों में आज डीजल और कोयले की जगह बायोमास पेलेट का इस्तेमाल तेजी से बढ़ रहा है क्योंकि यह सस्ता भी है और पर्यावरण के लिए सुरक्षित भी।
इस बिजनेस की डिमांड इतनी ज्यादा क्यों है
आज सरकार और कंपनियां दोनों ही प्रदूषण कम करने पर जोर दे रही हैं। बायोमास पेलेट एक ग्रीन एनर्जी मानी जाती है, इसलिए इसकी मांग हर साल बढ़ती जा रही है। बड़े उद्योगों को रोज टन के हिसाब से पेलेट चाहिए होते हैं। लकड़ी के कचरे से बना यह ईंधन उन्हें सस्ता भी पड़ता है और नियमों के हिसाब से भी सही रहता है। इसी वजह से इस बिजनेस में ऑर्डर की कमी नहीं होती।
बायोमास पेलेट बनाने का कच्चा माल कहां से आएगा
इस बिजनेस की सबसे बड़ी खासियत यही है कि इसका कच्चा माल बहुत सस्ता या कई बार मुफ्त में मिल जाता है। आरा मशीन, फर्नीचर बनाने की वर्कशॉप, लकड़ी का काम करने वाले कारखाने और गांव के आसपास मिलने वाला कृषि कचरा इसका मुख्य कच्चा माल है। कई जगह तो लोग लकड़ी का कचरा फेंकने के पैसे भी देते हैं, जिससे आपका खर्च और कम हो जाता है।
बायोमास पेलेट बनाने की प्रक्रिया कैसी होती है
सबसे पहले लकड़ी के कचरे या भूसी को अच्छे से सुखाया जाता है ताकि उसमें नमी कम हो जाए। इसके बाद इसे ग्राइंडर मशीन से पीसकर बारीक पाउडर बनाया जाता है। फिर इस पाउडर को पेलेट मशीन में डाला जाता है, जहां दबाव और गर्मी से छोटे-छोटे मजबूत पेलेट बनते हैं। आखिर में इन्हें ठंडा करके बोरी में भर दिया जाता है। पूरी प्रक्रिया आसान है और थोड़ी ट्रेनिंग के बाद कोई भी सीख सकता है।
इस बिजनेस को शुरू करने में कितना खर्च आता है
बायोमास पेलेट बिजनेस छोटे स्तर पर भी शुरू किया जा सकता है। अगर आप शुरुआत में छोटी पेलेट मशीन लगाते हैं तो 3 से 5 लाख रुपए के बीच काम शुरू हो सकता है। जैसे-जैसे ऑर्डर बढ़ते हैं, आप बड़ी मशीन लगाकर प्रोडक्शन बढ़ा सकते हैं। जगह की बात करें तो 500 से 1000 स्क्वायर फीट की जगह इस काम के लिए काफी होती है।
बायोमास पेलेट बिजनेस में कमाई कितनी हो सकती है
अगर आप रोज 1 से 2 टन पेलेट भी बनाते हैं, तो महीने में अच्छी कमाई हो सकती है। एक टन बायोमास पेलेट की कीमत बाजार में ठीक-ठाक मिल जाती है। कच्चा माल सस्ता होने की वजह से मुनाफा अच्छा बचता है। सही ग्राहक मिलने पर हर महीने 50 हजार से 1 लाख रुपए या उससे ज्यादा की कमाई भी संभव है। बड़े स्तर पर काम करने वाले लोग इससे लाखों रुपए महीना कमा रहे हैं।
इस बिजनेस में ग्राहक कहां से मिलते हैं
बायोमास पेलेट के ग्राहक ढूंढना मुश्किल नहीं है। ईंट भट्ठे, राइस मिल, फूड प्रोसेसिंग यूनिट, होटल, फैक्ट्री और बॉयलर चलाने वाली कंपनियां इसके मुख्य ग्राहक हैं। आप सीधे जाकर उनसे संपर्क कर सकते हैं या ऑनलाइन इंडस्ट्रियल प्लेटफॉर्म पर अपनी प्रोफाइल बनाकर ऑर्डर ले सकते हैं। एक बार ग्राहक जुड़ जाए तो लंबे समय तक लगातार ऑर्डर मिलता रहता है।
गांव और छोटे शहर के लिए क्यों बेस्ट है यह बिजनेस
यह बिजनेस गांव और छोटे शहरों के लिए बहुत बढ़िया है क्योंकि यहां कच्चा माल आसानी से मिल जाता है और जगह भी सस्ती होती है। बिजली और पानी की जरूरत सामान्य रहती है। गांव में रहकर भी इस बिजनेस को बड़े आराम से चलाया जा सकता है और आसपास के उद्योगों को सप्लाई दी जा सकती है।
बायोमास पेलेट बिजनेस में रिस्क कितना है
हर बिजनेस में थोड़ा रिस्क होता है, लेकिन इस काम में रिस्क काफी कम है। इसकी वजह है लगातार बढ़ती डिमांड और सस्ता कच्चा माल। अगर आप पहले ग्राहक ढूंढकर काम शुरू करते हैं तो नुकसान की संभावना और भी कम हो जाती है। सही क्वालिटी बनाए रखने से बिजनेस लंबे समय तक चलता है।
डिस्क्लेमर: यह आर्टिकल केवल जानकारी देने के उद्देश्य से लिखा गया है। बिजनेस शुरू करने से पहले मशीन की कीमत, कच्चे माल की उपलब्धता और बाजार की मांग की सही जानकारी जरूर ले लें। कमाई व्यक्ति की मेहनत, जगह और प्रबंधन पर निर्भर करती है।